अफ़ग़ानिस्तान में पिछले दिनों हुए कई आतंकवादी आत्मघाती बम धमाकों के बाद अस्पताल घायलों से भरे हुए हैं और युद्ध की मार खाये हुए इस देश के अस्पतालों में भारी रश हो गया है। अफ़गानी अधिकारियों के अनुसार पिछले दिनों तालिबान आतंकवादियों ने चौदह आत्मघाती बम विस्फोट करके पचास रोज़ादारों को धूल और खून से लथ पथ कर दिया था और सैकड़ों लोग इन हमलों में घायल हुए थे। याद रहे तालिबान के कई आत्मघाती हमलावर विस्फोटक से भरी जैकेट उड़ाने में नाकाम रहे थे जिनमें कुछ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और कुछ मारे दिए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार एक आतंकवादी ने अस्पताल के पास एक भीड़ भाड़ वाली बाजार में आत्मघाती हमला किया जिसमें रोज़ेदार ईद के लिए खरीदारी में व्यस्त थे। उधर राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने पिछले दिनों के बम धमाकों की निंदा करते हुए कहा कि इन बम धमाकों में लिप्त लोगों की नज़र में रमज़ान का कोई महत्व नहीं है। उल्लेखनीय है तालिबान और अल-क़ायदा इस्लाम का पालन करने का दावा करते हैं लेकिन उन्हें आज तक पश्चिम और इस्राईल के हितों को नुकसान पहुँचाते नहीं देखा गया बल्कि उसके विपरीत उनके काम से केवल साम्राज्य और इस्राईल को लाभ ही पहुंचा है। तालिबान से यह सवाल किया जा सकता है कि उन्होंने किस संविधान और धर्म के अनुसार रमज़ान में रोज़ादारों को आत्मघाती हमलों का निशाना बनाया है. तालिबान वहाबी संप्रदाय के मानने वाले हैं।समाचार समाप्त.....166
14 अगस्त 2012 - 19:30
समाचार कोड: 337041
अफ़ग़ानिस्तान में पिछले दिनों हुए कई आतंकवादी आत्मघाती बम धमाकों के बाद अस्पताल घायलों से भरे हुए हैं और युद्ध की मार खाये हुए इस देश के अस्पतालों में भारी रश हो गया है....